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Wednesday, 4 May 2016

तुमको ना भूल पाएंगे

दिन आज का बहुत यादगार है
कहीं है जीत तो कहीं हार है
जो था हम सबका हर दिल अजी़ज
आज सातवें आसमान के पार है।

धरा पर नहीं था बोझ वो
रखता था ऊँची सोच वो
ख्वाब ऐसे कि झुका दे पर्वतों को
झेल ना सका ज़िंदगी की गुरबतों को।

प्यार उसके दिल में सबके लिए था खूब भरा
अपने प्यारे गीतों से सबको मोहित किए रहा
दिन बदलेंगे युग बदलेंगे मौसम बदलते जाएंगे
यादें तुम्हारी साथ रहेंगी तुमको ना भूल पाएंगे।

(प्रिय रिंकू के जन्मदिवस पर उसकी याद में एक श्रद्धा सुमन, ०२अक्टुबर २०१५)

© 2nd October 2015 Sushil Kumar Sharma
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