दिन आज का बहुत यादगार है
कहीं है जीत तो कहीं हार है
जो था हम सबका हर दिल अजी़ज
आज सातवें आसमान के पार है।
कहीं है जीत तो कहीं हार है
जो था हम सबका हर दिल अजी़ज
आज सातवें आसमान के पार है।
धरा पर नहीं था बोझ वो
रखता था ऊँची सोच वो
ख्वाब ऐसे कि झुका दे पर्वतों को
झेल ना सका ज़िंदगी की गुरबतों को।
रखता था ऊँची सोच वो
ख्वाब ऐसे कि झुका दे पर्वतों को
झेल ना सका ज़िंदगी की गुरबतों को।
प्यार उसके दिल में सबके लिए था खूब भरा
अपने प्यारे गीतों से सबको मोहित किए रहा
दिन बदलेंगे युग बदलेंगे मौसम बदलते जाएंगे
यादें तुम्हारी साथ रहेंगी तुमको ना भूल पाएंगे।
अपने प्यारे गीतों से सबको मोहित किए रहा
दिन बदलेंगे युग बदलेंगे मौसम बदलते जाएंगे
यादें तुम्हारी साथ रहेंगी तुमको ना भूल पाएंगे।
(प्रिय रिंकू के जन्मदिवस पर उसकी याद में एक श्रद्धा सुमन, ०२अक्टुबर २०१५)
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