फिर हम पर आघात हुआ है
हमला नहीं अक्समात् हुआ है
पठानकोट की सरज़मी पर
हमारे अपनों का रक्तपात हुआ है।
हमला नहीं अक्समात् हुआ है
पठानकोट की सरज़मी पर
हमारे अपनों का रक्तपात हुआ है।
धर्म सैनिक का है देश की रक्षा
चरमराई फिर से आंतरिक सुरक्षा
इन हालात में कैसे दे पाएंगे हम
आगामी नस्ल को देशप्रेम की शिक्षा।
चरमराई फिर से आंतरिक सुरक्षा
इन हालात में कैसे दे पाएंगे हम
आगामी नस्ल को देशप्रेम की शिक्षा।
माँओं ने अपने लाल खो दिए
सुहागनों के सिंदूर उजड़ गए
राह तकते बच्चों की आँखों ने
मायूसी के संग सपने जोड़ लिए।
सुहागनों के सिंदूर उजड़ गए
राह तकते बच्चों की आँखों ने
मायूसी के संग सपने जोड़ लिए।
शांति-वार्ता की पहल का उपहास है
अमन का दमन करने का प्रयास है
हमारी सहनशीलता को आजमाने वालों
देश ना टूटने देंगे जब तक साँस में साँस है।
अमन का दमन करने का प्रयास है
हमारी सहनशीलता को आजमाने वालों
देश ना टूटने देंगे जब तक साँस में साँस है।
(पठानकोट के शहीदों को मेरी एक श्रद्धांजलि, ०४ जनवरी २०१६)
Very touching tribute!
ReplyDeleteThanks a lot Gita
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