व्रत करवा चौथ का नारी सदियों से मना रही,
पति की दीर्घायु की कामना युगों से करती आ रही,
गर्व के इस पर्व का पुरूष ना आभास कर पा रहा,
शान जो जीवन की है उसी को अपमानित कर रहा।
पति की दीर्घायु की कामना युगों से करती आ रही,
गर्व के इस पर्व का पुरूष ना आभास कर पा रहा,
शान जो जीवन की है उसी को अपमानित कर रहा।
सृष्टी द्वारा रचे गए पुरूष-स्त्री के संख्या अनुपात को,
पुरूष असंतुलित कर रहा देकर बढ़ावा कन्या गर्भपात को,
करवा चौथ के व्रत की गरिमा तभी कायम रह सकेगी,
जब समाज में नारी की भूमिका पुरूष को गौरवान्वित कर सकेगी।
#व्याकुल
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