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Wednesday, 4 May 2016

विश्व कविता दिवस २०१६

अवसर विश्व कविता दिवस का है,
निःसंदेह विषय सबके हर्ष का है,
अभिव्यक्ति की इस अनूठी विधा को,
रेखांकित करना गौरव सभी का है।

चित्र-शिल्प-अदा-नृत्य कला के प्रकार हैं,
लेखनी जब चले करे अचूक प्रहार है,
सदियों से शब्दों की बहे जा रही सरिता है,
भावनाओं को जीवंत करे जा रही कविता है।

(विश्व कविता दिवस के उपलक्ष्य में स्व-रचित पंक्तियों के साथ हिंदी पद्द को मेरा शत-शत नमन, २१ मार्च २०१६)

© 21st March 2016 Sushil Kumar Sharma
All Rights Reserved

2 comments:

  1. A lovely tribute to all art forms!

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  2. Yes Gita...an attempt to give tribute to all the art forms...

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