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Wednesday, 4 May 2016

नए किनारे

हासिल उन्हें होते हैं जीवन में नए किनारे
छोड़ पाते हैं जो खुद को धारे के सहारे
यूँ तो लहरों ने सदा ही बवफाई की है
हो जाते हैं बेड़े पार बस इक आस के सहारे।

© 10th December 2015 Sushil Kumar Sharma
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