जब एक नज़र का दूजी से मिलना हुआ
दिल के गुलिस्तां में फूल का खिलना हुआ
बातों-मुलाकातों का दौर इस कदर बढ़ता गया
हमें अपना वेलेंटाइन अंततः मिल ही गया।
दिल के गुलिस्तां में फूल का खिलना हुआ
बातों-मुलाकातों का दौर इस कदर बढ़ता गया
हमें अपना वेलेंटाइन अंततः मिल ही गया।
प्यार का मीठा अहसास दिलों में जगने लगा
मिलने-जुलने कि जज्बा भी जोर पकड़ने लगा
रहना अलग-अलग अब दुश्वार होने लगा
हाँ मुझे अपने वेलेंटाइन से अब प्यार होने लगा।
मिलने-जुलने कि जज्बा भी जोर पकड़ने लगा
रहना अलग-अलग अब दुश्वार होने लगा
हाँ मुझे अपने वेलेंटाइन से अब प्यार होने लगा।
जिस घड़ी का था इंतज़ार वो अब आ ही गई
दो धड़कते दिलों की धड़कन एक डोर में बंध गई
आने वाली हर सुबह-शाम अब लगने लगी नई
हाँ मेरी वेलेंटाइन अब मेरी हमसफर हो गई।
दो धड़कते दिलों की धड़कन एक डोर में बंध गई
आने वाली हर सुबह-शाम अब लगने लगी नई
हाँ मेरी वेलेंटाइन अब मेरी हमसफर हो गई।
समय का पहिया फिर तो सरपट दौड़ चला
हसीन दिलों का सफर कारवां की तरह बढ़ चला
खुशी-प्यार-विश्वास जीवन के पर्याय हैं
और ये सभी सार मेरी वेलेंटाइन में समाए हैं।
हसीन दिलों का सफर कारवां की तरह बढ़ चला
खुशी-प्यार-विश्वास जीवन के पर्याय हैं
और ये सभी सार मेरी वेलेंटाइन में समाए हैं।
(वेलेंटाइन दिवस २०१५ पर मेरे हमसफर को मेरा एक उपहार)
© 14th February 2015 Sushil Kumar Sharma
All Rights Reserved
No comments:
Post a Comment